वैज्ञानिक अनुसंधान की जन्मस्थली
देश की पहली आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान ने 150 वर्ष पूरे किए।
प्रसाद एम. द्वारा
यह परिकल्पना डॉ. महेंद्र लाल सरकार का स्वप्न था। यह आगे चलकर एक सामूहिक प्रयास में परिवर्तित हो गया, जिसमें कोलकाता के कुछ उत्कृष्ट महाविद्यालयों के अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी तथा शहर के कई प्रमुख नागरिक एक साथ जुड़े। भारत में आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान की अनेक प्रारंभिक प्रगति की शुरुआत यहीं से हुई। अनेक दृष्टियों से देखा जाए तो संभवतः यही वह स्थान था, जहाँ भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान ने वास्तव में अपनी जड़ें जमाईं। वह संस्था है—इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस (आईएसीएस)।
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